
Devi Chitralekhaji is a spiritual orator and a devoted messenger of Bhakti, whose life is dedicated to spreading divine love, devotion, and selfless service. Through her discourses, sankirtan, and spiritual initiatives, she inspires millions to walk the path of faith, compassion, and inner peace.
From a very young age, Devi Chitralekhaji dedicated her life to the service of Shrimad Bhagwat Katha. At just seven years old, she began narrating the divine teachings of the Bhagwat, while most children were still discovering the world through play. What started as a divine calling soon transformed into a lifelong mission — a “Sankirtan Yatra” — through which she has continuously spread the message of devotion, Harinaam, and divine love across India and the world. With 600+ Bhagwat Kathas and decades of unwavering dedication, her discourse is not merely speech, but a living expression of bhakti, discipline, and divine grace.



“When devotion becomes a way of life, every moment turns into a divine offering.”

“हम भारतीय ‘नर में नारायण’ देखने की बात करते हैं, पर गौ सेवा धाम में वास्तव में ‘जीव में शिव’ का साक्षात्कार होता है। इतनी कम आयु में देवी चित्रलेखाजी द्वारा ऐसा विराट गौ सेवा मिशन खड़ा करना असाधारण उपलब्धि है। यह हॉस्पिटल न केवल गौ माता बल्कि सभी निराश्रित जीवों के लिए जीवनदायिनी सेवा बन रहा है। यह परंपरा पूरे भारत के लिए प्रेरणा बनेगी।”
“देवी चित्रलेखाजी के नेतृत्व में संचालित गौ सेवा धाम न केवल एक हॉस्पिटल है, बल्कि करुणा और सेवा का जीवंत केंद्र है। यहाँ असहाय, घायल और रोगग्रस्त गौ माताओं का निःशुल्क उपचार एक महान पुण्य कार्य है। यह प्रकल्प समाज के लिए आदर्श उदाहरण है।”
“जहाँ गौ माता होती हैं, वहीं भगवान वास करते हैं। ऐसा आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त गौ हॉस्पिटल ब्रज भूमि के गौरव को और बढ़ाने वाला है। यह सेवा कार्य भगीरथ प्रयास के समान है, जिससे असंख्य जीवों का जीवन सुरक्षित होगा।”
“भक्ति का वास्तविक अर्थ सेवा है। देवी चित्रलेखाजी द्वारा पिछले 10 वर्षों से निरंतर चल रही गौ सेवा इस सत्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यहाँ हर असहाय गौ माता और जीव का निःशुल्क उपचार होता है। ऐसा कार्य पूरे समाज को सेवा की दिशा में प्रेरित करता है।”
“आज के समय में हजारों गौ माताओं की सेवा करना कोई साधारण कार्य नहीं है। देवी चित्रलेखाजी का यह संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। यह गौ सेवा धाम भविष्य में भारत का आदर्श गौ हॉस्पिटल बनेगा।”
“आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, एंबुलेंस, ओपीडी और रेस्क्यू सिस्टम के साथ इतनी आधुनिक सुविधाओं वाला यह गौ हॉस्पिटल भारत में अद्वितीय है। हर दिन दर्जनों घायल और बीमार गौ माताओं को नया जीवन देना वास्तव में असाधारण मानवीय प्रयास है।”
“जीवन निर्वाह से बड़ा कार्य है जीवन देना। देवी चित्रलेखाजी और उनकी टीम गौ माता और निराश्रित जीवों को नया जीवन देकर समाज के लिए उच्चतम आदर्श स्थापित कर रही है।”
“मनुष्यों के लिए बड़े अस्पताल बहुत हैं, पर गौ माता के लिए ऐसा बहुमंजिला आधुनिक हॉस्पिटल एक ऐतिहासिक पहल है। यह गौ सेवा धाम भारत की भूमि के लिए गौरव का विषय है।” है।”
“मैंने देश-विदेश में अनेक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल देखे हैं, पर गौ माता की सेवा के लिए समर्पित ऐसा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल केवल वृंदावन के गौ सेवा धाम में ही देखने को मिलता है।”
“दुर्घटनाग्रस्त और असहाय प्राणियों की सेवा सबसे श्रेष्ठ धर्म है। देवी चित्रलेखाजी द्वारा किया जा रहा यह कार्य करुणा और अहिंसा का सर्वोच्च उदाहरण है।”
“यह भारत का पहला ऐसा स्थान है जहाँ गौ माता की सेवा इतने भाव, व्यवस्था और समर्पण के साथ की जाती है।”
“गौ सेवा धाम जैसे महान प्रकल्प के लिए उठाया गया यह कदम समाज के लिए अनुकरणीय है। इस सेवा के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”